Skip to content
Advocates · Supreme Court of India · High Court, Lucknow Bench
Home/Practice Areas

Practice Areas

पारिवारिक एवं वैवाहिक कानून

अविनाश लॉ ऑफिसेज़ के तलाक वकील लखनऊ में तलाक, बच्चों की कस्टडी, भरण-पोषण, घरेलू हिंसा और अन्य पारिवारिक विवादों में मुवक्किलों की पूरी गोपनीयता और संवेदनशीलता के साथ सहायता करते हैं।

तलाक वकील लखनऊ – अविनाश लॉ ऑफिसेज़

हमारी पारिवारिक कानून सेवाएं

तलाक वकील लखनऊ के रूप में हम निम्नलिखित मामलों में परामर्श और प्रतिनिधित्व देते हैं:

  • आपसी सहमति से तलाक (हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13B और विशेष विवाह अधिनियम की धारा 28)
  • विवादित तलाक, न्यायिक पृथक्करण और दांपत्य अधिकारों की पुनर्स्थापना
  • बच्चों की कस्टडी और मुलाकात के अधिकार
  • भरण-पोषण (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 144, पूर्व में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 125)
  • घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005 के तहत राहत

आपसी सहमति से तलाक

यदि पति-पत्नी कम से कम एक वर्ष से अलग रह रहे हैं और दोनों तलाक के लिए सहमत हैं, तो वे परिवार न्यायालय में संयुक्त याचिका दायर कर सकते हैं। पहली अर्ज़ी (फर्स्ट मोशन) के बाद छह महीने की प्रतीक्षा अवधि होती है, जिसे सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों के अनुसार उचित मामलों में माफ किया जा सकता है। दूसरी अर्ज़ी पहली अर्ज़ी के 18 महीने के भीतर दाखिल करनी होती है।

गुज़ारा भत्ता, स्त्रीधन, बच्चों की कस्टडी और लंबित मुकदमों की वापसी जैसे सभी मुद्दों पर लिखित समझौता पहले ही तय कर लेना चाहिए। एक अनुभवी तलाक वकील लखनऊ में यह समझौता इस तरह तैयार करता है कि बाद में विवाद न हो।

बच्चों की कस्टडी और भरण-पोषण

कस्टडी के मामलों में परिवार न्यायालय बच्चे के कल्याण को सबसे ऊपर रखता है। भरण-पोषण के लिए पत्नी, बच्चे और माता-पिता अदालत में आवेदन कर सकते हैं। अदालत दोनों पक्षों की आय और ज़रूरतों को ध्यान में रखकर राशि तय करती है।

मध्यस्थता और परामर्श

परिवार न्यायालय मध्यस्थता और परामर्श को प्रोत्साहित करते हैं, और कई पारिवारिक विवाद इसी तरह सुलझ जाते हैं। जो लोग वकील का खर्च नहीं उठा सकते, वे राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण से निःशुल्क कानूनी सहायता ले सकते हैं। अपील इलाहाबाद उच्च न्यायालय में होती है।

तलाक वकील लखनऊ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आपसी सहमति से तलाक में कितना समय लगता है?

सामान्यतः पहली अर्ज़ी के बाद छह महीने, लेकिन प्रतीक्षा अवधि माफ होने पर यह काफी जल्दी भी हो सकता है। तलाक वकील लखनऊ से सलाह लेकर माफी का आवेदन उचित समय पर दिया जा सकता है।

क्या शादी के एक साल के भीतर तलाक का मुकदमा हो सकता है?

हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 14 के अनुसार सामान्यतः विवाह के एक वर्ष के भीतर तलाक की याचिका नहीं दी जा सकती, सिवाय असाधारण कठिनाई के मामलों के, जिनमें अदालत अनुमति दे सकती है।

क्या बातचीत गोपनीय रहेगी?

हाँ। तलाक वकील लखनऊ के रूप में हम आपकी हर जानकारी को पूरी तरह गोपनीय रखते हैं।

संबंधित लेख

संपर्क करें

अपनी स्थिति पर गोपनीय चर्चा के लिए परामर्श बुक करें या हमसे संपर्क करें। अंग्रेज़ी में जानकारी के लिए हमारा Family Law पृष्ठ देखें।

यह पृष्ठ केवल सामान्य जानकारी के लिए है और बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमों के अनुसार यह कोई विज्ञापन या आग्रह नहीं है।

Discuss your matter with us

Consultations are confidential and by appointment. Call +91 9554755559 or write to [email protected].

Book a Consultation

Speak with us in confidence.

Every matter begins with a careful conversation. Call, write, or book a consultation at our Lucknow chambers.